आज की दुनिया में हम अक्सर ‘सुरक्षित’ खेलने की कोशिश करते हैं। जब दो पक्षों के बीच विवाद हो, या जीवन में कोई बड़ा फैसला लेना हो, तो हम ‘बीच का रास्ता’ चुनते हैं। हमें लगता है कि किसी का पक्ष न लेकर हम खुद को सुरक्षित रख रहे हैं, लेकिन महान राजनीतिक विचारक निकोलो मैकियावेली (Niccolò Machiavelli) ने अपनी कालजयी पुस्तक ‘द प्रिंस’ में इसके बिल्कुल उलट चेतावनी दी है।
मैकियावेली का मानना था कि जो व्यक्ति बीच में खड़ा रहता है, वह अंततः दोनों तरफ से मारा जाता है। आइए समझते हैं कि स्टैंड लेना क्यों जरूरी है और तटस्थता (Neutrality) कैसे आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है।

1. तटस्थता का भ्रम: यह सुरक्षा नहीं, कायरता है
मैकियावेली के अनुसार, जब दो ताकतवर पक्ष आपस में लड़ रहे हों और आप तटस्थ रहने का निर्णय लेते हैं, तो आप अपनी बर्बादी को दावत दे रहे होते हैं।
- विजेता की नजर में: जीतने वाला पक्ष आपको कभी अपना मित्र नहीं मानेगा, क्योंकि मुसीबत के समय आपने उसका साथ नहीं दिया।
- हारने वाले की नजर में: हारने वाला पक्ष आपसे नफरत करेगा क्योंकि आपने उसे डूबते हुए देखा और मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया।
सीख: निर्णय न लेना भी अपने आप में एक निर्णय है, और अक्सर यह सबसे खराब निर्णय साबित होता है।
2. बीच में रहने वाला दोनों तरफ से मारा जाता है
मैकियावेली का तर्क स्पष्ट था: यदि आप स्टैंड नहीं लेते, तो आप विजेता के लिए एक ‘आसान शिकार’ बन जाते हैं और पराजित व्यक्ति के लिए ‘धोखेबाज’
जीवन के संदर्भ में देखें तो, यदि आप अपने करियर, रिश्तों या सिद्धांतों को लेकर स्पष्ट नहीं हैं, तो आप उन लोगों के हाथों की कठपुतली बन जाते हैं जो अपने इरादों को लेकर स्पष्ट हैं। जो लोग कहीं के नहीं होते, वे अंत में कहीं नहीं पहुँचते.
3. स्टैंड लेने के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक लाभ
एक स्पष्ट स्टैंड लेना केवल राजनीति नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण (Character Building) का हिस्सा है:
- सम्मान की प्राप्ति: दुनिया उन लोगों का सम्मान करती है जिनके पास अपने सिद्धांत होते हैं। एक कट्टर दुश्मन का भी सम्मान किया जा सकता है, लेकिन एक ढुलमुल व्यक्ति का कभी नहीं.
- स्पष्टता और ऊर्जा: जब आप एक पक्ष चुन लेते हैं, तो आपकी मानसिक ऊर्जा ‘क्या करें’ के संघर्ष से मुक्त हो जाती है और ‘कैसे करें’ पर केंद्रित हो जाती है.
- भरोसेमंद गठबंधन: लोग उन्हीं के साथ जुड़ना पसंद करते हैं जिनके रुख का उन्हें पता हो। तटस्थता लोगों में असुरक्षा पैदा करती है.
4. आधुनिक जीवन में मैकियावेली: निर्णय कैसे लें ?
मैकियावेली की यह सलाह केवल युद्ध के मैदान के लिए नहीं थी। यह आपके ऑफिस, व्यापार और व्यक्तिगत जीवन पर भी लागू होती है:
- कठिन बातचीत से न बचें: अगर ऑफिस में कोई समस्या है, तो चुप रहकर तमाशा न देखें। अपनी राय मजबूती से रखें।
- अपनी वैल्यूज (Values) तय करें: यदि आपके नैतिक मूल्य किसी काम को गलत मानते हैं, तो ‘हां’ या ‘ना’ में स्पष्ट रहें, ‘शायद’ शब्द को अपने शब्दकोश से निकाल दें.
- परिणामों की जिम्मेदारी लें: स्टैंड लेने का मतलब जोखिम लेना है। मैकियावेली के अनुसार, भाग्य भी उन्हीं का साथ देता है जो साहसी होते हैं।
निष्कर्ष: स्पष्टता ही शक्ति है
मैकियावेली का दर्शन हमें सिखाता है कि जीवन कोई दर्शक दीर्घा (Spectator stand) नहीं है जहाँ आप बस बैठकर मैच देख सकें आपको मैदान में उतरना होगा और एक टीम चुननी होगी तटस्थ रहने वाला व्यक्ति अस्थायी रूप से शांति पा सकता है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से वह अपनी विश्वसनीयता और शक्ति दोनों खो देता है.
याद रखें, इतिहास गवाह है कि महान परिवर्तन कभी भी तटस्थ लोगों ने नहीं, बल्कि उन लोगों ने किए जिन्होंने खड़े होकर एक स्टैंड लेने का साहस दिखाया.
क्या आप भी किसी निर्णय को लेकर ‘बीच में’ फंसे हैं ? याद रखिए, एक गलत निर्णय भी बिना निर्णय के रहने से बेहतर हो सकता है।

Leave a Reply